यूएलसीआरए को निरस्‍त करके सामाजिक उद्देश्‍यों की प्राप्ति का मूल्‍यांकन करना

यह परियोजना यह विश्‍लेषण करने के लिए संचालित की जा रही है कि क्‍या शहरी भूमि सीलिंग तथा विनियमन अधिनियम (यूएलसीआरए), 1999 के निरसन से भूमि बाजार में मांग और आपूर्ति का अंतराल पट गया था ताकि विशेषकर शहरी गरीबों के लिए आवासीय इकाइयों में वृद्धि की जा सके तथा क्‍या इसने शहरी भूमि बाजार में पारदर्शिता एवं कार्य क्षमता में उन्‍नयन हासिल किया।

अध्‍ययन के अंतर्गत अपेक्षित सूचना प्राप्‍त करने के लिए एक व्‍यापक विस्‍तृत प्रश्‍नावली तैयार की गई है जिसमें विकास के लिए उपलब्‍ध भूमि की मात्रा, आवासीय इकाइयों के शेयर में वृद्धि, ईडब्‍ल्‍यूएस/एलआईजी के लिए घरों के विनिर्माण हेतु जारी भूमि शामिल है। तदुपरांत प्राप्‍त डाटा को भूमि को अधिसूचित करने, अधिग्रहण करने, विकसित करने तथा समान संवितरण सुनिश्चित करने में झेले जाने वाले गतिरोधों तथा चुनौतियों को समझने के लिए एकत्रित तथा विश्‍लेषित किया जाएगा।