भारत में शहरी अवसंरचना का वित्‍तपोषण

Submitted by niuaadmin on 12 जनवरी 2016 - 4:27pm

इस अध्‍ययन का प्राथमिक उद्देश्‍य भारत में शहरी अवसंरचना के वित्‍तपोषण का सिंहावलोकन करना है। इस विस्‍तृत अध्‍ययन के डिजाइन में उपलब्‍ध अध्‍ययनों की सामान-सूची तैयार करना, स्‍थानीय निकायों द्वारा शहरी वित्‍त के प्रतिनिधिक ब्‍यौरें तैयार करना, वित्‍त के नवीन संसाधनों का मूल्‍यांकन करना, वित्‍त के मौजूदा मुख्‍य स्रोतों के औचित्‍यकरण की सिफारिश करना, राज्‍यीय तथा अर्द्ध-राज्‍यीय निकायों की शहरी वित्‍तीय भूमिका का मूल्‍यांकन करना तथा बड़े एवं छोटे शहरी क्षेत्रों द्वारा संस्‍थागत वित्‍त का विभेदीकरण करना तथा अंततः निजी क्षेत्र की सीमा एवं आकार-प्रकार का मूल्‍यांकन करना शामिल है।

इस अध्‍ययन में राष्‍ट्रीय सिहांवलोकन तथा बेंगलुरू, विशाखापट्टनम, औरंगाबाद तथा मंगलौर के केस अध्‍ययन शामिल हैं। राष्‍ट्रीय सिहांवलोकन शहरीकरण संबंधी रूझानों के संबंध में संपूर्ण परिप्रेक्ष्‍य, शहरी अवसंरचनात्‍मक सेवाओं का स्‍तर, संस्‍थागत व्‍यवस्‍था और वित्‍तपोषण तंत्र प्रदान करता है।

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