भारत में विभिन्‍न आकार वाली शहरी बस्तियों का जनांकिकीय, आर्थिक तथा सामाजिक ढांचा

इस परियोजना का लक्ष्‍य भारत में विभिन्‍न आकार की शहरी बस्तियों की आवासीय तथा मूल संरचना की स्थिति तथा जनांकिकीय, आर्थिक तथा सामाजिक ढांचों का विश्‍लेषण करना है। हालांकि नीति प्रतिपादन के लिए ऐसा अध्‍ययन अत्‍यापेक्षित था तथापि ऐसे किसी एकीकृत विश्‍लेषण का पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है।

इस परियोजना का उद्देश्‍य जनांकिकीय, आर्थिक, रोजगार, ढांचागत उत्‍परिवर्तन, गरीबी, असमानता, आवासीय, मूल अवसंरचना, सामाजिक संकेत आदि के संबंध में विभिन्‍न आकार एवं श्रेणी वाले अंतरों की पूर्ण तस्वीर प्रस्‍तुत करना है, जो भारत में विभिन्‍न आकार व श्रेणियों वाले शहरों तथा कस्‍बों में असमान्‍ताओं के फलकों को स्‍पष्‍टतापूर्वक बताएगा। इससे भारत सरकार तथा राज्‍य के स्‍तरों पर संसूचित निर्णयन की प्रक्रिया में सहायता मिलेगी एवं एक ऐसी कार्यनीतिगत शहरी नीति तैयार करने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी (और व्‍यापक अर्थव्‍यवस्‍थाओं के सकारात्‍मक आकार का दोहन करने के लिए संरेखित उत्‍पादन नीति) जो जेएनएनयूआरएम के आगामी चरण के लिए विभिन्‍न श्रेणी के शहरों के विभिन्‍न आवश्‍यकताओं की सफलतापूर्वक पूर्ति करेगी (तथा भविष्‍य में शहरी विकास एवं आवासीय नीतियां तैयार की जाएंगी)।

इस परियोजना में अध्‍ययन के निष्‍कर्षों के साथ भारत सरकार की नीति तथा कार्यक्रम फ्रेमवर्क को जोड़ने की अपेक्षा है विशेषकर उनको जो आवासीय तथा मूल अवसंरचना वाली हुडको प्राथमिकताओं से संबद्ध है। एक ओर यह आवासीय तथा मूल अवसंरचना की कमी को उजागर करती है, तथा दूसरी ओर आर्थिक क्षमता को इंगित करती है ताकि शहरों तथा कस्‍बों में इसका प्रयास तथा निर्धारण किया जा सके जो हुडको के निवेश की उच्‍च प्राथमिकता होने चाहिए, एवं जो केन्‍द्र तथा राज्‍य सरकारों के लिए उच्‍च प्राथमिकता होनी चाहिए।