भारत के गैर-महानगरीय श्रेणी I के शहरों से संबंधित रिपोर्ट- जनसांख्यिकीय रिपोर्ट

Submitted by niuaadmin on 12 जनवरी 2016 - 10:25am

यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉगी (यूटीएम), जोहोर बाहरू, मलेशिया में 12-14 अगस्, 2015 को 13वां इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ दी एशियन प्लानिंग स्कूल् एसोसिएशन (एपीएसए 2015) आयोजित किया गया था। यूटीएम के शहरी और क्षेत्रीय नियोजन विभाग, निर्मित वातावरण संकाय ने इसकी मेजबानी की। इस सम्मेलन का विषयटूवर्डस एन एशियन अर्बन एजेंडा- प्लानिंग एशियन डाइवर्सिटी, इंटेंस-सिटी, काम्पलैक् सिटी एण् ऑथेंटिक सिटीथा।

इस बैठक में पूरे एशिया और उससे बाहर 250 से अधिक नियोजकों का समूह था और 6 विषयों के अंतर्गत लगभग 80 पेपर प्रस्‍तुत किए गए थे। ये शहरी नियोजन और डिजाइन की चुनौती, शहरी संस्‍थान और शासन, शहरी अनुसंधान और शहरी नीति को पाटना, सिओल सर्चिंग प्‍लानिंग एजुकेशन, हरित विकास- नई समृद्धि और शहरी समता एवं प्रमाणीकता थे। डॉ देबजानी घोष, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी ने 'एक्‍सप्‍लोरिंग मल्‍टी-डिसिप्‍लीनरी एप्रोच इन अर्बन प्‍लानिंग: नीड फोर ए पैराडाईज्म शिफ्ट इन प्‍लानिंग एजुकेशन इन इंडिया’ शीर्षक पेपर प्रस्‍तुत किया जिसका लेखन संयुक्‍त रूप से उनके द्वारा स्‍वयं, अजीत कालीयाथ, दक्षिण एशिया शहरी ज्ञानकेन्‍द्र में रा..का.सं. में कार्यरत पर्यावरणीय विशेषज्ञ और अनील रॉय, सीईपीटी विश्‍वविद्यालय, अहमदाबाद में सहायक प्रोफेसर द्वारा किया गया। इस पेपर को बैठक के तीन सर्वश्रेष्‍ठों में से एक के रूप में चुना गया और संबंधित अंतर्राष्‍ट्रीय पत्रिका में इसका उद्धण दिया गया एवं इसका प्रकाशन किया गया।

 

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