पांडुलिपि हेतु मांग (कॉल फॉर मैनूस्क्रि्प्टर)

राष्ट्री य नगर कार्य संस्थापन (रा.न.का.सं.) भारत में शहरी क्षेत्रों के लिए अनुसंधान, क्षमता निर्माण तथा ज्ञान के प्रसार हेतु एक प्रमुख संस्थागन है ।  यह शहरीकरण, शहरी नीत एवं नियोजन, निगम वित्त  एवं शासन, भू अर्थशास्त्रे, पारवाहन उन्मु ख विकास, शहरी जीवनस्तनर, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और स्मा र्ट सिटीज़ पर अनुसंधान कार्य करता है ।

शहरी क्षेत्र में सुदूर एवं बड़े पैमाने पर अनुसंधान प्रसार के अभियान में कार्यरत यह संस्थासन शहरी एवं शहरीकरण पर एक विशेष खंड हिन्दीत में बनाने की आशा करता है ।  इस पुस्त क का उद्देश्ये शहरीकरण चुनौतियों और शहरों में प्रचलित मुद्दों की श्रृंखला उदाहरणत (सीमित नहीं):  रोजगार एवं प्रवासन, भूमि एवं आवास, मौलिक सुविधाओं तक पहुंच, जल एवं स्व च्छबता, गतिशीलता एवं परिवहन, शहरी वित्तर, प्रशासन एवं ई-शासन, सामाजिक समावेश, संस्थावओं एवं नागरिक समितियां, विरासत एवं संरक्षण, तथा पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर भारतीय पाठकों के बुनियादी ज्ञान को बढ़ाना है ।

इस पुस्तैक हेतु उपर्युक्ता विषयों पर अलग (वैयक्तिाक) अध्यााय के रूप में योगदान आमंत्रित है ।  विषय पर एक अनिवार्य पाठक होने के कारण, प्रत्ये्क अध्यानय के लिए शहरी परिधि के भीतर सजीव/वर्तमान संदर्भों के अनुसार संबंधित समस्यायओं एवं मुद्दों को बताते हुए, संबंधित विधानों, नीतियों एवं प्रथाओं की समीक्षा करते हुए, तथा शहरीकरण चुनौतियों को प्राप्तस करने में आगे की राहों पर चर्चा विषय की आशा की जाती   है ।  संपूर्ण अध्याौय की पांडुलिपि 7000-8000 शब्दों  के अंदर मंगल (यूनिकोड) फोंट, डबल स्पेेस में टाइप किया होना चाहिए ।  इस पांडुलिपि में दोनो, मूलपाठ (टेक्सोट में) में तथा अध्यााय के अंत में संदर्भ एपीए उद्धरण ढंग (छठवां संस्कसरण) में होना चाहिए ।  सभी प्रस्तुयतियां 23 अक्टूउबर 2017 तक या इससे पहले ईमेल के माध्य म से संपादक (msethi@niua.org) को भेजना अपेक्षित है ।  लेखक अपने अभिरूचि के विषय एवं सार पर संपादक से चर्चा कर सकते हैं ।  विशेष परिस्थिितियों में अनुवादन (मुद्दे के आधार पर) में सहयोग उपलब्धल कराया जा सकता है ।

जमा कराने की अंतिम तिथि:  23 अक्टू बर 2017